TC-BiPV glazing तकनीक: AC का खर्च घटाने वाली नई टेक्नोलॉजी आई सामने, दिन की धूप से कम होगी गर्मी और बढ़ेगी बिजली उत्पादन

आज के समय में बढ़ती गर्मी और बिजली के बढ़ते बिल हर किसी के लिए चिंता का कारण बन चुके हैं। खासकर गर्मियों में AC का लगातार इस्तेमाल जेब पर भारी पड़ता है। ऐसे में अगर कोई ऐसी तकनीक आ जाए जो घर को ठंडा भी रखे और साथ में बिजली भी बनाए, तो यह किसी वरदान से कम नहीं होगी। हाल ही में इसी दिशा में एक बड़ी खोज सामने आई है, जिसे TC-BiPV glazing तकनीक कहा जा रहा है। यह तकनीक न सिर्फ गर्मी को कम करती है बल्कि सूर्य की रोशनी से बिजली भी पैदा करती है, जिससे ऊर्जा की बचत और खर्च में कमी दोनों संभव हो जाती हैं।

TC-BiPV glazing technology

क्या है TC-BiPV glazing तकनीक और कैसे करती है काम

TC-BiPV glazing एक एडवांस्ड ग्लास सिस्टम है, जिसे खासतौर पर बिल्डिंग्स के लिए डिजाइन किया गया है। इस तकनीक को हांगकांग के सिटी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। इसमें thermochromic (TC) हाइड्रोजेल लेयर और bifacial photovoltaic (BiPV) मॉड्यूल को एक साथ जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि यह ग्लास तापमान के अनुसार खुद को एडजस्ट करता है और साथ ही दोनों तरफ से सूर्य की रोशनी को कैप्चर करके बिजली बनाता है।

जब बाहर का तापमान कम होता है, तब यह ग्लास पारदर्शी रहता है और प्राकृतिक रोशनी को अंदर आने देता है, जिससे कमरे में रोशनी बनी रहती है। लेकिन जैसे ही तापमान बढ़ता है, हाइड्रोजेल लेयर अपना रूप बदलकर ट्रांसलूसेंट हो जाती है, जिससे धूप की तीव्रता कम हो जाती है और अंदर की गर्मी घटने लगती है। खास बात यह है कि इस स्थिति में जो धूप रिफ्लेक्ट होती है, उसे भी BiPV सिस्टम पीछे की तरफ से कैप्चर कर लेता है और बिजली में बदल देता है।

गर्मी कम करने और बिजली बढ़ाने में कितना असरदार है यह सिस्टम

इस नई तकनीक पर किए गए प्रयोग और सिमुलेशन में बेहद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। गर्मियों के एक टेस्ट में पाया गया कि यह सिस्टम सामान्य thermochromic ग्लास की तुलना में लगभग 30% तक सीधी गर्मी को कम कर देता है और कमरे के तापमान को करीब 4.8 डिग्री सेल्सियस तक घटा देता है।

अगर इसे सामान्य bifacial PV ग्लास से तुलना करें, तो यह तकनीक लगभग 62.6% तक गर्मी को कम करने में सक्षम है और कमरे के तापमान में 15 डिग्री सेल्सियस तक की कमी ला सकती है। इतना ही नहीं, बिजली उत्पादन में भी लगभग 16.5% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

सालभर के आंकड़ों के अनुसार, यह सिस्टम स्काईलाइट और खिड़कियों में लगाने पर 9% से 18% तक ज्यादा बिजली उत्पादन कर सकता है। साथ ही, यह सालाना इनडोर हीट गेन को 27% से 40% तक कम करने में मदद करता है, जिससे AC पर निर्भरता काफी हद तक कम हो सकती है।

भविष्य में कैसे बदल सकती है यह तकनीक हमारी जिंदगी

TC-BiPV glazing तकनीक आने वाले समय में बिल्डिंग डिजाइन और एनर्जी मैनेजमेंट को पूरी तरह बदल सकती है। खासकर भारत जैसे गर्म देशों में, जहां गर्मी का असर ज्यादा होता है, यह तकनीक बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ बिजली के बिल कम होंगे बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा क्योंकि यह कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी।

इस तकनीक की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह के मैकेनिकल या मैन्युअल एडजस्टमेंट की जरूरत नहीं होती है। यह पूरी तरह से ऑटोमैटिक और पैसिव सिस्टम है, जो तापमान के अनुसार खुद काम करता है। इसके अलावा, इसका डिजाइन ऐसा रखा गया है कि मेंटेनेंस भी आसान हो और जरूरत पड़ने पर इसके अलग-अलग हिस्सों को बदला जा सके।

कुल मिलाकर, TC-BiPV glazing एक स्मार्ट और टिकाऊ समाधान के रूप में उभर रही है, जो भविष्य के ऊर्जा-कुशल घरों और बिल्डिंग्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो आने वाले समय में AC का खर्च काफी हद तक कम हो सकता है और लोग सोलर एनर्जी के जरिए अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा कर पाएंगे।

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