भारत में डिजिटल टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है। खासकर डेटा सेंटर इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में बिजली के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक बनने वाली है। यही कारण है कि अब बड़ी सोलर कंपनियां डेटा सेंटर को भविष्य का सबसे बड़ा ग्राहक मान रही हैं। सोलर इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले समय में सोलर एनर्जी कंपनियों के लिए अरबों रुपये के निवेश और बिजनेस के नए अवसर खुल सकते हैं।

2030 तक 5 गुना बढ़ सकती है डेटा सेंटर की क्षमता
भारत में डेटा सेंटर की क्षमता आने वाले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ने वाली है। अभी देश में डेटा सेंटर की कुल क्षमता लगभग 1.5 गीगावाट है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2030 तक यह क्षमता बढ़कर 8 गीगावाट से भी ज्यादा हो सकती है। इसका मतलब है कि अगले पांच वर्षों में डेटा सेंटर सेक्टर लगभग 5 गुना बढ़ सकता है।
यह बढ़ोतरी केवल टेक्नोलॉजी के कारण नहीं है, बल्कि बढ़ती इंटरनेट यूसेज, क्लाउड सर्विस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं की मांग भी इसके पीछे बड़ी वजह है। अभी 2025 में डेटा सेंटर देश की कुल बिजली खपत का लगभग 0.5 प्रतिशत उपयोग कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक यह आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा डेटा सेंटर हर साल करीब 150 बिलियन लीटर पानी का उपयोग करते हैं, जो आने वाले समय में और बढ़ने की संभावना है।
सोलर एनर्जी बनेगी सबसे सस्ती बिजली का स्रोत
सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Emmvee Photovoltaic Power का मानना है कि डेटा सेंटर जैसे हाई-एनर्जी सेक्टर के लिए सोलर एनर्जी सबसे सस्ता और बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रहा है। कंपनी के ग्रुप प्रेसिडेंट और सीईओ सुहास डोंथी के अनुसार आज के समय में सोलर बिजली की लागत काफी कम हो चुकी है और यही कारण है कि अलग-अलग उद्योग तेजी से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केवल डेटा सेंटर ही नहीं बल्कि स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे कई बड़े उद्योग भी अब सोलर पावर का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सोलर एनर्जी लंबे समय में बिजली का सबसे किफायती स्रोत बन चुकी है। जैसे-जैसे उद्योगों की बिजली की जरूरत बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे सोलर एनर्जी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
सोलर कंपनियां कर रही हैं हजारों करोड़ का निवेश
बढ़ती मांग को देखते हुए सोलर कंपनियां भी अपने प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। Emmvee कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक लगभग 9.3 गीगावाट का ऑर्डर बुक है, जो यह दिखाता है कि सोलर इंडस्ट्री में मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी आने वाले समय में 6 गीगावाट की नई सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता शुरू करने की योजना पर काम कर रही है।
इसके अलावा कंपनी ingot और wafer मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ा निवेश करने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए लगभग 4500 करोड़ से 5500 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया जा सकता है। इस विस्तार का उद्देश्य सरकार के MNRE द्वारा तय ALMM नियमों को समय पर पूरा करना है। कंपनी ने 2025 में अपने IPO से लगभग 1621 करोड़ रुपये जुटाकर अपना पूरा कर्ज भी चुका दिया है, जिससे अब उसका नेट डेट लगभग शून्य हो गया है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर और सोलर एनर्जी का रिश्ता और मजबूत होने वाला है। जैसे-जैसे डिजिटल सेवाएं बढ़ेंगी, वैसे-वैसे बिजली की मांग भी बढ़ेगी और इस बढ़ती मांग को पूरा करने में सोलर एनर्जी सबसे अहम भूमिका निभा सकती है। यही वजह है कि सोलर कंपनियां इस सेक्टर को भविष्य का सबसे बड़ा अवसर मानकर भारी निवेश की तैयारी कर रही हैं।
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