Tata 3KW Hybrid Solar System: घर के लिए कितनी बिजली देगा और पूरा खर्च कितना आएगा?

आज के समय में बिजली का बिल हर महीने जेब पर भारी पड़ता है। ऊपर से बार-बार होने वाले पावर कट से घर का काम रुक जाता है। ऐसे में सोलर सिस्टम लगवाना एक स्मार्ट और लंबे समय तक फायदा देने वाला फैसला है। अगर आप एक ऐसा सिस्टम चाहते हैं जो बिजली भी बनाए, बैटरी में स्टोर भी करे और ग्रिड से भी जुड़ा रहे, तो Tata 3KW Hybrid Solar System आपके लिए सबसे सही विकल्प हो सकता है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि यह सिस्टम कैसे काम करता है, कितनी बिजली बनाता है और इसका पूरा खर्च क्या होगा।

Tata 3KW Hybrid Solar System price

Hybrid Solar System क्या होता है?

Hybrid Solar System एक ऐसी तकनीक है जिसमें तीनों प्रकार के सोलर सिस्टम की खूबियां एक साथ मिलती हैं। यह सिस्टम एक तरफ सोलर पैनल से बिजली बनाता है, दूसरी तरफ उस बिजली को बैटरी में स्टोर करता है और साथ ही ग्रिड (बिजली विभाग की मेन लाइन) से भी जुड़ा रहता है।

On-Grid और Off-Grid से कैसे बेहतर है?

On-Grid सिस्टम में बैटरी नहीं होती, इसलिए जब ग्रिड बंद होती है तो बिजली कट जाती है। Off-Grid सिस्टम में बैटरी होती है लेकिन ग्रिड से कनेक्शन नहीं होता, जिससे Net Metering का फायदा नहीं मिलता। Hybrid System इन दोनों की कमियों को दूर करता है। जब धूप होती है तो सोलर पैनल घर चलाते हैं और बची हुई बिजली बैटरी में भरती है। जब रात होती है या बादल छाते हैं तो बैटरी काम करती है। अगर बैटरी भी खाली हो जाए तो ग्रिड बैकअप देती है। साथ ही अगर बिजली जरूरत से ज्यादा बने तो उसे ग्रिड में भेजकर Net Metering से पैसे भी कमाए जा सकते हैं। यही कारण है कि Hybrid System को घरेलू उपयोग के लिए सबसे संपूर्ण समाधान माना जाता है।

Tata 3KW Hybrid Solar System प्रतिदिन कितनी बिजली बनाएगा?

यह सवाल सबसे पहले हर किसी के मन में आता है। Tata का 3KW Hybrid Solar System प्रतिदिन औसतन 12 से 15 यूनिट बिजली उत्पन्न करता है। यह आंकड़ा आपके शहर में सूर्य की रोशनी कितने घंटे मिलती है, उस पर निर्भर करता है। राजस्थान जैसे राज्यों में जहाँ साल में 300 से अधिक दिन तेज धूप रहती है, यह सिस्टम और भी बेहतर प्रदर्शन करता है।

महीने में यह सिस्टम लगभग 360 से 450 यूनिट बिजली बनाता है। अगर आपके क्षेत्र में बिजली का रेट 8 रुपए प्रति यूनिट भी है, तो हर महीने लगभग 2,880 से 3,600 रुपए की बचत होती है। सालाना यह बचत 35,000 से 40,000 रुपए तक हो सकती है।

इस सिस्टम से कौन से उपकरण चला सकते हैं?

Tata 3KW Hybrid System से एक सामान्य भारतीय घर के लगभग सभी जरूरी उपकरण आसानी से चल सकते हैं:

  • 4 से 5 पंखे और 8 से 10 LED लाइटें
  • 1 रेफ्रिजरेटर और 1 वाशिंग मशीन
  • 1.5 टन का इन्वर्टर AC (5 से 6 घंटे)
  • टेलीविजन, लैपटॉप और मोबाइल चार्जर
  • पानी की मोटर (छोटी से मध्यम)

यह सिस्टम 2 BHK से 3 BHK के घर के लिए एकदम सटीक है।

Tata 3KW Hybrid में कौन से पैनल, इन्वर्टर और बैटरी सही रहेंगे?

Hybrid Solar System में सही कंपोनेंट चुनना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आपके सिस्टम की परफॉर्मेंस और उम्र दोनों तय करता है।

सोलर पैनल

Tata Power Solar के Mono Half-Cut या Monocrystalline पैनल इस सिस्टम के लिए सबसे उपयुक्त हैं। 3KW सिस्टम के लिए आम तौर पर 500W से 550W के 6 पैनल या 395W से 405W के 8 से 9 पैनल लगाए जाते हैं। Tata के Mono PERC पैनल 20 से 22% तक की दक्षता प्रदान करते हैं जो भारतीय जलवायु में बेहद कारगर है। इन पैनलों पर 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी मिलती है।

Hybrid इन्वर्टर

3KW Hybrid System के लिए 3KVA से 3.5KVA का Hybrid Inverter/PCU लेना सही रहता है। Tata Power Solar के अपने अप्रूव्ड Hybrid Inverter के अलावा Growatt, Deye, या Sungrow ब्रांड के Hybrid Inverter भी Tata पैनलों के साथ अच्छे से काम करते हैं। इन इन्वर्टर में MPPT चार्ज कंट्रोलर बिल्ट-इन होता है जो बैटरी चार्जिंग को बेहतर तरीके से मैनेज करता है। इन्वर्टर पर 5 से 10 साल की वारंटी आमतौर पर मिलती है।

बैटरी

Hybrid System के लिए दो विकल्प सबसे लोकप्रिय हैं। पहला विकल्प Lithium-Ion Battery है जो हल्की, लंबे समय तक चलने वाली (3,000 से 5,000 साइकिल) और कम रखरखाव वाली होती है। एक 3KW सिस्टम के लिए 48V, 100Ah की एक Lithium Battery पर्याप्त होती है। दूसरा विकल्प Tubular Lead Acid Battery है जो किफायती होती है लेकिन Lithium की तुलना में भारी और कम टिकाऊ होती है। इसके लिए 4 बैटरी 150Ah, 12V की लगाई जाती हैं। Exide Solar, Luminous, या Amaron के बैटरी Tata सिस्टम के साथ अच्छे काम करते हैं।

Tata 3KW Hybrid Solar System का टोटल खर्च कितना होगा?

अब सबसे जरूरी सवाल, यानी पूरा खर्च। नीचे दी गई टेबल में सभी कंपोनेंट के साथ अनुमानित कीमत दी गई है:

कंपोनेंटविवरणअनुमानित कीमत (₹)
Tata Solar Panels (6 x 500W)Mono PERC / Half Cut75,000 से 90,000
Hybrid Inverter (3KVA)MPPT Based, Tata/Growatt35,000 से 50,000
Lithium Battery (48V 100Ah)LiFePO4 Technology60,000 से 80,000
माउंटिंग स्ट्रक्चरGI/Aluminium Frame10,000 से 15,000
वायरिंग, ACDB/DCDB, केबलसुरक्षा उपकरण सहित10,000 से 15,000
इंस्टॉलेशन और लेबरप्रोफेशनल इंस्टॉलेशन10,000 से 15,000
कुल अनुमानित लागत₹2,00,000 से ₹2,65,000

यह कीमत आपके शहर, इंस्टॉलर और बैटरी के प्रकार के अनुसार थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है। अगर Lithium की जगह Tubular Lead Acid बैटरी चुनते हैं तो कुल लागत कुछ कम होगी। वहीं 5KVA का बड़ा इन्वर्टर या अधिक बैटरी क्षमता चुनने पर लागत अधिक होगी।

PM Surya Ghar Scheme: ₹78,000 सब्सिडी के बाद कितना बचेगा?

भारत सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत 3KW तक के रेसिडेंशियल सोलर सिस्टम पर ₹78,000 की सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आती है। यह सब्सिडी On-Grid और Hybrid दोनों सिस्टम पर मिलती है लेकिन Off-Grid पर नहीं मिलती।

सब्सिडी की गणना कुछ इस प्रकार है: पहले 2KW पर ₹30,000 प्रति KW यानी कुल ₹60,000 और अगले 1KW (2 से 3KW के बीच) पर ₹18,000 मिलते हैं। इस तरह कुल 3KW पर ₹78,000 की सब्सिडी मिलती है।

अगर आपके Tata 3KW Hybrid System की कुल लागत ₹2,30,000 है, तो ₹78,000 की सब्सिडी के बाद आपकी नेट लागत मात्र ₹1,52,000 रह जाती है। यह एक बहुत बड़ी बचत है जो इस निवेश को और भी आकर्षक बनाती है।

सब्सिडी लेने के लिए जरूरी शर्तें

सब्सिडी पाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सिस्टम केवल रेसिडेंशियल रूफटॉप पर होना चाहिए। आपके नाम पर एक्टिव बिजली कनेक्शन होना जरूरी है। इंस्टॉलेशन केवल MNRE एम्पैनल्ड वेंडर से ही करानी होगी। पैनल और अन्य कंपोनेंट BIS और MNRE अप्रूव्ड होने चाहिए। आवेदन pmsuryaghar.gov.in पर ऑनलाइन करना होगा।

निवेश कितने समय में वापस मिलेगा?

Tata 3KW Hybrid Solar System में एक बार निवेश करने के बाद सब्सिडी के बाद की लागत लगभग 1.50 लाख से 1.85 लाख रुपए बनती है। हर साल बिजली बिल में 35,000 से 45,000 रुपए की बचत होती है। इस हिसाब से आपका पूरा निवेश 4 से 5 साल में वापस मिल जाता है। इसके बाद के 20 साल लगभग मुफ्त बिजली मिलती रहती है क्योंकि Tata के पैनलों पर 25 साल की वारंटी होती है।

इसके अलावा Net Metering की सुविधा से अगर घर में बिजली बचती है तो उसे ग्रिड में भेजकर बिजली विभाग से क्रेडिट भी लिया जा सकता है जो अगले बिल में एडजस्ट होता है। यह Hybrid System को एक बेहतरीन दीर्घकालिक निवेश बनाता है।

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